USS Idaho Nuclear Submarine: अमेरिका ने अपनी नई परमाणु अटैक सबमरीन USS इडाहो को नेवी में शामिल किया है. यह कदम ऐसे समय आया है जब चीन ने 100 से ज्यादा ICBM मिसाइलें तैनात की हैं. USS इडाहो समुद्र के नीचे से अमेरिका की रणनीतिक बढ़त को मजबूत करती है और इंडो-पैसिफिक में चीन के लिए सीधा संदेश मानी जा रही है.
यह सबमरीन इतनी खतरनाक क्यों है?
USS Idaho करीब 7,800 टन वजनी है और इसमें एक न्यूक्लियर रिएक्टर लगा है, जो इसे लगभग असीमित दूरी तक चलने की ताकत देता है. यह सबमरीन बेहद खामोश (स्टील्थ) है, यानी दुश्मन के रडार और सोनार इसे पकड़ नहीं पाते. इसमें टॉमहॉक क्रूज मिसाइल, Mk-48 टॉरपीडो और स्पेशल फोर्स ऑपरेशन सपोर्ट की क्षमता है. जरूरत पड़ने पर यह दुश्मन के जहाज, पनडुब्बी या तटीय ठिकानों पर बिना चेतावनी हमला कर सकती है.
क्या इससे अमेरिका चीन को चेतावनी दे रहा है?
इंडो-पैसिफिक में संदेश साफ
अमेरिकी नेवी पहले ही साफ कर चुकी है कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र उसकी प्राथमिकता है. दक्षिण चीन सागर, ताइवान स्ट्रेट और आसपास के इलाकों में ऐसी सबमरीन चीन की हर गतिविधि पर नजर रख सकती हैं. पुरानी लॉस एंजेलिस क्लास सबमरीन के रिटायर होने के बाद अब वर्जीनिया क्लास ही अमेरिका की अंडरसी ताकत की रीढ़ बन रही है. इस साल यह दूसरी पनडुब्बी है, जो अमेरिकी नेवी को मिली है.