सिंगापुर में भारतीय मूल के एक 26 वर्षीय युवक को चर्च में फर्जी बम रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस घटना के बाद चर्च में उस दिन की सभी प्रार्थना सभाएं रद्द कर दी गईं।
चैनल न्यूज़ एशिया की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी की पहचान कोकुलानंदन मोहन के रूप में हुई है। उस पर संयुक्त राष्ट्र (आतंकवाद-रोधी उपाय) नियमों के तहत झूठी आतंकवादी धमकी देने का आरोप लगाया गया है। घटना रविवार सुबह करीब 7:11 बजे की है।
कैसे दी गई फर्जी बम की धमकी
आरोप पत्र के अनुसार, आरोपी ने सेंट जोसेफ चर्च (अपर बुकिट तिमाह क्षेत्र) के परिसर में तीन गत्ते के रोल रखे थे। इन रोल्स में पत्थर की कंकड़ भरे हुए थे और उनमें बाहर की ओर लाल तार निकले हुए थे। इन्हें काले और पीले रंग के टेप से जोड़ा गया था, जिससे वे देखने में एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) जैसे लग रहे थे।
पुलिस का कहना है कि यह सब इस उद्देश्य से किया गया था ताकि लोगों को यह विश्वास हो जाए कि ये वस्तुएं फट सकती हैं और इससे जान-माल का नुकसान हो सकता है।
पुलिस की जांच और बयान
सिंगापुर पुलिस बल (SPF) ने बयान जारी कर बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने खुद ही एक नकली विस्फोटक जैसी वस्तु बनाकर चर्च में रखी थी। पुलिस के अनुसार,
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आरोपी ने यह हरकत अकेले की
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यह न तो किसी धार्मिक हमले से जुड़ा मामला है और न ही किसी आतंकी साजिश का सबूत मिला है
मानसिक जांच के लिए भेजा गया
अदालत ने आरोपी को तीन सप्ताह की मानसिक (मनोचिकित्सकीय) जांच के लिए रिमांड पर भेज दिया है। वह 12 जनवरी को दोबारा अदालत में पेश होगा।
गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के व्यवहार को लेकर जांच अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला लिया गया। हालांकि आरोपी ने दावा किया कि उसके व्यवहार का कारण नींद की कमी थी, क्योंकि वह नाइट शिफ्ट में काम करता है।
सजा का प्रावधान
अगर आरोपी दोषी पाया जाता है, तो उसे
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10 साल तक की जेल,
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या 5 लाख सिंगापुर डॉलर (लगभग 3.8 करोड़ रुपये) तक का जुर्माना,
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या दोनों सजाएं हो सकती हैं।