Home Uncategorized बीकानेर। पीबीएम अस्पताल के आचार्य तुलसी कैंसर विंग में गंभीर लापरवाही

बीकानेर। पीबीएम अस्पताल के आचार्य तुलसी कैंसर विंग में गंभीर लापरवाही

by rajasthan crimepress

बीकानेर। पीबीएम अस्पताल के आचार्य तुलसी कैंसर विंग में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां एक कैंसर मरीज को गलत ब्लड ग्रुप का खून चढ़ा दिया गया, जिससे उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। समय रहते गलती पकड़ में आ जाने से मरीज की जान बच गई।

जानकारी के अनुसार 75 वर्षीय भंवरी देवी को खून की कमी के कारण कैंसर विंग में भर्ती किया गया था। उनका ब्लड ग्रुप A+ है। पहले उन्हें सही ब्लड ग्रुप की एक यूनिट दी गई, लेकिन दूसरी यूनिट के दौरान ब्लड बैंक से गलती से B पॉजिटिव ब्लड जारी कर दिया गया। नर्सिंग स्टाफ ने बिना दोबारा जांच किए वही ब्लड मरीज को चढ़ा दिया।

30 सेकेंड में बिगड़ने लगी हालत

गलत ब्लड चढ़ना शुरू होते ही महज आधे मिनट में मरीज को बेचैनी और घबराहट होने लगी। उसी समय मौजूद परिजन की नजर ब्लड यूनिट पर लिखे ग्रुप पर पड़ी। परिजन ने तुरंत डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ को सूचित किया, जिसके बाद ब्लड ट्रांसफ्यूजन रोककर तुरंत इलाज शुरू किया गया। इससे मरीज की स्थिति नियंत्रित हो गई।

एक नाम के दो मरीज, यहीं हुई चूक

बताया जा रहा है कि कैंसर विंग में भंवरी देवी नाम की दो महिला मरीज भर्ती थीं। दोनों के पति के नाम अलग थे, लेकिन पहचान के अन्य विवरणों की ठीक से जांच नहीं की गई। इसी वजह से एक मरीज के लिए मंगवाया गया ब्लड दूसरी मरीज को चढ़ा दिया गया।

अस्पताल प्रशासन हरकत में

घटना की जानकारी मिलते ही सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सुरेंद्र वर्मा खुद कैंसर विंग पहुंचे। कैंसर विभाग के एचओडी डॉ. सुरेंद्र बेनीवाल ने भी मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया।

प्रिंसिपल डॉ. सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि मरीज का हीमोग्लोबिन काफी कम था, इसी कारण उसे ब्लड दिया जा रहा था। ट्रांसफ्यूजन के दौरान समस्या सामने आई, जिसकी जांच के लिए कमेटी गठित की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

भाजपा नेता ने जताई नाराजगी

घटना के बाद भाजयुमो शहर अध्यक्ष वेद व्यास अस्पताल पहुंचे और लापरवाही पर नाराजगी जताई। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग की और कहा कि इस तरह की गलती मरीजों की जान के लिए बड़ा खतरा है।

बीकानेर। पीबीएम अस्पताल के आचार्य तुलसी कैंसर विंग में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां एक कैंसर मरीज को गलत ब्लड ग्रुप का खून चढ़ा दिया गया, जिससे उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। समय रहते गलती पकड़ में आ जाने से मरीज की जान बच गई।

जानकारी के अनुसार 75 वर्षीय भंवरी देवी को खून की कमी के कारण कैंसर विंग में भर्ती किया गया था। उनका ब्लड ग्रुप A+ है। पहले उन्हें सही ब्लड ग्रुप की एक यूनिट दी गई, लेकिन दूसरी यूनिट के दौरान ब्लड बैंक से गलती से B पॉजिटिव ब्लड जारी कर दिया गया। नर्सिंग स्टाफ ने बिना दोबारा जांच किए वही ब्लड मरीज को चढ़ा दिया।

30 सेकेंड में बिगड़ने लगी हालत

गलत ब्लड चढ़ना शुरू होते ही महज आधे मिनट में मरीज को बेचैनी और घबराहट होने लगी। उसी समय मौजूद परिजन की नजर ब्लड यूनिट पर लिखे ग्रुप पर पड़ी। परिजन ने तुरंत डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ को सूचित किया, जिसके बाद ब्लड ट्रांसफ्यूजन रोककर तुरंत इलाज शुरू किया गया। इससे मरीज की स्थिति नियंत्रित हो गई।

एक नाम के दो मरीज, यहीं हुई चूक

बताया जा रहा है कि कैंसर विंग में भंवरी देवी नाम की दो महिला मरीज भर्ती थीं। दोनों के पति के नाम अलग थे, लेकिन पहचान के अन्य विवरणों की ठीक से जांच नहीं की गई। इसी वजह से एक मरीज के लिए मंगवाया गया ब्लड दूसरी मरीज को चढ़ा दिया गया।

अस्पताल प्रशासन हरकत में

घटना की जानकारी मिलते ही सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सुरेंद्र वर्मा खुद कैंसर विंग पहुंचे। कैंसर विभाग के एचओडी डॉ. सुरेंद्र बेनीवाल ने भी मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया।

प्रिंसिपल डॉ. सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि मरीज का हीमोग्लोबिन काफी कम था, इसी कारण उसे ब्लड दिया जा रहा था। ट्रांसफ्यूजन के दौरान समस्या सामने आई, जिसकी जांच के लिए कमेटी गठित की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

भाजपा नेता ने जताई नाराजगी

घटना के बाद भाजयुमो शहर अध्यक्ष वेद व्यास अस्पताल पहुंचे और लापरवाही पर नाराजगी जताई। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग की और कहा कि इस तरह की गलती मरीजों की जान के लिए बड़ा खतरा है।

बीकानेर। पीबीएम अस्पताल के आचार्य तुलसी कैंसर विंग में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां एक कैंसर मरीज को गलत ब्लड ग्रुप का खून चढ़ा दिया गया, जिससे उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। समय रहते गलती पकड़ में आ जाने से मरीज की जान बच गई।

जानकारी के अनुसार 75 वर्षीय भंवरी देवी को खून की कमी के कारण कैंसर विंग में भर्ती किया गया था। उनका ब्लड ग्रुप A+ है। पहले उन्हें सही ब्लड ग्रुप की एक यूनिट दी गई, लेकिन दूसरी यूनिट के दौरान ब्लड बैंक से गलती से B पॉजिटिव ब्लड जारी कर दिया गया। नर्सिंग स्टाफ ने बिना दोबारा जांच किए वही ब्लड मरीज को चढ़ा दिया।

30 सेकेंड में बिगड़ने लगी हालत

गलत ब्लड चढ़ना शुरू होते ही महज आधे मिनट में मरीज को बेचैनी और घबराहट होने लगी। उसी समय मौजूद परिजन की नजर ब्लड यूनिट पर लिखे ग्रुप पर पड़ी। परिजन ने तुरंत डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ को सूचित किया, जिसके बाद ब्लड ट्रांसफ्यूजन रोककर तुरंत इलाज शुरू किया गया। इससे मरीज की स्थिति नियंत्रित हो गई।

एक नाम के दो मरीज, यहीं हुई चूक

बताया जा रहा है कि कैंसर विंग में भंवरी देवी नाम की दो महिला मरीज भर्ती थीं। दोनों के पति के नाम अलग थे, लेकिन पहचान के अन्य विवरणों की ठीक से जांच नहीं की गई। इसी वजह से एक मरीज के लिए मंगवाया गया ब्लड दूसरी मरीज को चढ़ा दिया गया।

अस्पताल प्रशासन हरकत में

घटना की जानकारी मिलते ही सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सुरेंद्र वर्मा खुद कैंसर विंग पहुंचे। कैंसर विभाग के एचओडी डॉ. सुरेंद्र बेनीवाल ने भी मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया।

प्रिंसिपल डॉ. सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि मरीज का हीमोग्लोबिन काफी कम था, इसी कारण उसे ब्लड दिया जा रहा था। ट्रांसफ्यूजन के दौरान समस्या सामने आई, जिसकी जांच के लिए कमेटी गठित की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

भाजपा नेता ने जताई नाराजगी

घटना के बाद भाजयुमो शहर अध्यक्ष वेद व्यास अस्पताल पहुंचे और लापरवाही पर नाराजगी जताई। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग की और कहा कि इस तरह की गलती मरीजों की जान के लिए बड़ा खतरा है।

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