राजस्थान में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है और हालात अब चिंताजनक हो चुके हैं। राजधानी जयपुर सहित प्रदेश के कई शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 250 के पार पहुंच गया है, जिससे आम लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। यह स्थिति खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए बेहद जोखिम भरी मानी जा रही है।
सुबह और शाम के समय प्रदूषण का असर ज्यादा नजर आ रहा है, जबकि दोपहर में तेज धूप के कारण मौसम कुछ हद तक सामान्य महसूस होता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मौसम में लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है।
जयपुर में हालात सबसे ज्यादा चिंताजनक
राजधानी जयपुर के कई इलाकों में AQI गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया है। आदर्श नगर, चित्रकूट, गोपालबाड़ी, शास्त्री नगर, सुभाष कॉलोनी और विद्याधर नगर जैसे क्षेत्रों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब बनी हुई है। खुले इलाकों में भी प्रदूषण का स्तर कम नहीं हो रहा है।
प्रदेश के अन्य शहरों में भी खराब स्थिति
अलवर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, चूरू, सीकर और टोंक जैसे शहरों में भी AQI गंभीर स्तर पर बना हुआ है। औद्योगिक क्षेत्र भिवाड़ी में प्रदूषण सबसे ज्यादा दर्ज किया गया, जहां AQI अति गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है। वहीं श्रीगंगानगर, उदयपुर, कोटा, जोधपुर और माउंट आबू जैसे शहर भी प्रदूषण की चपेट में हैं।
अन्य महानगरों से तुलना
देश के कुछ शहरों जैसे बेंगलुरु और चेन्नई में हवा अपेक्षाकृत साफ है, लेकिन दिल्ली, पुणे, कोलकाता और हैदराबाद जैसे महानगरों में भी प्रदूषण का स्तर काफी खराब बना हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ता प्रदूषण न केवल फेफड़ों को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि आंखों में जलन और त्वचा से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ा रहा है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने, मास्क पहनने और अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी जा रही है।