प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा पहुंचे। यह दौरा इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के निमंत्रण पर हो रहा है और उनके तीन देशों के विदेश दौरे का दूसरा चरण है।
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और इथियोपिया के बीच सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। भारत इथियोपिया को अफ्रीका और ग्लोबल साउथ में एक अहम और भरोसेमंद साझेदार मानता है। दौरे के दौरान होने वाली आधिकारिक बैठकों से द्विपक्षीय संबंधों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
इथियोपिया पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री मोदी 15 से 16 दिसंबर तक जॉर्डन के दौरे पर थे, जहां वे किंग अब्दुल्ला द्वितीय बिन अल हुसैन के आमंत्रण पर गए थे। अदीस अबाबा में कार्यक्रमों के बाद प्रधानमंत्री ओमान के लिए रवाना होंगे, जिससे उनका चार दिवसीय, तीन देशों का दौरा पूरा होगा।
इथियोपिया में प्रधानमंत्री मोदी की प्रधानमंत्री अबी अहमद के साथ व्यापक वार्ता प्रस्तावित है। बातचीत में राजनीतिक सहयोग, विकास साझेदारी, व्यापार, निवेश और लोगों के बीच संपर्क जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। दोनों नेता ग्लोबल साउथ के साझेदार के रूप में आपसी सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराएंगे।
प्रधानमंत्री के आगमन से पहले अदीस अबाबा में खास तैयारियां की गईं। शहरभर में स्वागत पोस्टर, होर्डिंग और भारतीय झंडे लगाए गए, जिससे यात्रा के महत्व का अंदाजा लगाया जा सकता है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह दौरा दक्षिण-दक्षिण सहयोग को बढ़ाने और अफ्रीकी देशों के साथ भारत की भागीदारी को गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
रवाना होने से पहले जारी बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अदीस अबाबा अफ्रीकी संघ का मुख्यालय है और भारत की G20 अध्यक्षता के दौरान वर्ष 2023 में अफ्रीकी संघ को स्थायी सदस्यता दी गई थी। उन्होंने प्रधानमंत्री अबी अहमद के साथ गहन चर्चा, भारतीय समुदाय से मुलाकात और इथियोपियाई संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करने को लेकर उत्साह जताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वे भारत को “लोकतंत्र की जननी” के रूप में प्रस्तुत करते हुए भारत-इथियोपिया साझेदारी की भूमिका और उसके ग्लोबल साउथ के लिए महत्व पर अपने विचार साझा करेंगे।
गौरतलब है कि इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद पहले भी ‘वॉयस ऑफ द ग्लोबल साउथ समिट’ में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं।