Home Rajasthan राजस्थान में मतदाता सूची की SIR प्रक्रिया में बड़ा खुलासा: 58 लाख से ज़्यादा नाम कटने की आशंका

राजस्थान में मतदाता सूची की SIR प्रक्रिया में बड़ा खुलासा: 58 लाख से ज़्यादा नाम कटने की आशंका

Editor Pranjal

by rajasthan crimepress

राजस्थान में मतदाता सूची की विशेष पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के डिजिटलाइजेशन का काम पूरा हो गया है। इसके साथ ही राज्य देश में पहला बन गया है, जहां यह पूरी प्रक्रिया 100% डिजिटल रूप से पूरी हुई है। नई डिजिटल रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला आँकड़ा सामने आया है—राज्य के 58 लाख 21 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हट सकते हैं।

199 सीटों पर घर-घर सर्वे पूरा

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि राज्य की 200 में से 199 विधानसभा क्षेत्रों में घर-घर सर्वे पूरा कर लिया गया है। अंता में उपचुनाव के कारण प्रक्रिया कुछ देर से शुरू हुई, इसलिए वहां का डेटा अभी जारी नहीं हुआ है।

52,000 से अधिक BLO ने सभी विवरण ईसीआईनेट पोर्टल पर अपलोड कर दिए हैं।

4.88 करोड़ मतदाताओं का डेटा पहले से मैच

राज्य के कुल 5.46 करोड़ मतदाताओं में से:

  • 4.88 करोड़ (लगभग 97%) मतदाताओं का डेटा पुराने रिकॉर्ड से मैच हो गया है।
    ऐसे मतदाताओं को किसी अतिरिक्त दस्तावेज़ की आवश्यकता नहीं होगी।

15 लाख मतदाताओं का पुराने रिकॉर्ड से मिलान नहीं

  • 15,11,540 मतदाता ऐसे हैं जिनका 2002 की SIR सूची से मिलान नहीं हो पाया।

43 लाख से अधिक वोटर “अनकलेक्टेड” श्रेणी में

  • 43,09,922 मतदाता ऐसे पाए गए जो:

    • मृत हैं

    • स्थायी रूप से अन्य स्थान पर चले गए

    • या सर्वे के दौरान उपलब्ध नहीं थे
      इसलिए उनके एन्यूमरेशन फॉर्म भर नहीं पाए गए।

किनके नाम हट सकते हैं?

  • जिनके नाम डुप्लीकेट, मृत्यु, या स्थायी रूप से स्थानांतरण की वजह से संदिग्ध पाए गए—उनके नाम सूची से हटेंगे।

जिनका डेटा मैप नहीं हो पाया, उन्हें नोटिस भेजा जाएगा।
उन्हें दस्तावेज़ देकर अपनी पात्रता साबित करनी होगी, तभी नाम सूची में बने रहेंगे।

जयपुर में सबसे ज्यादा अनमैप-अनकलेक्टेड मतदाता

रिपोर्ट के मुताबिक, जयपुर में सबसे ज्यादा लगभग 3 लाख 53 हजार मतदाता अनमैप और 5 लाख 80 हजार मतदाता अनकलेक्टेड हैं. इसके बाद जोधपुर में लगभग कुल 3 लाख 57 हजार मतदाता अनकलेक्टेड और अनमैप हैं. फिर कोटा में लगभग 2 लाख 23 हजार, बीकानेर में लगभग 1 लाख 96 हजार, पाली में करीब 1 लाख 87 हजार मतदाता ऐसे हैं, जिनके मतदान सूची में नाम जुड़ने में संशय बना हुआ है. राजस्थान में 52,222 से अधिक मतदान केंद्रों पर एसआईआर हुआ है. प्रदेश उन 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में शामिल है जहाँ 4 नवंबर को एसआईआर की प्रक्रिया शुरू हुई थी. निर्वाचन आयोग द्वारा 30 नवंबर को घर-घर सर्वे अवधि एक हफ्ते बढ़ाने के बाद अब पहली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 16 दिसंबर को प्रकाशित की जाएगी. यह आंकड़े राज्य की 200 विधानसभा क्षेत्रों में से 199 सीटों के हैं. बारां जिले की अंता विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव के कारण एसआईआर प्रक्रिया 2 दिसंबर से शुरू हुई, इसलिए वहाँ का डेटा अभी उपलब्ध नहीं है.

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