किसान परिवार से निकलकर हासिल की बड़ी उपलब्धि
लूणकरणसर के रहने वाले और किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले डॉ. देवीलाल गोदारा ने संघर्ष और सफलता की नई मिसाल पेश की है। उन्हें जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर नियुक्त किया गया है। उनके चयन की खबर से ढाणीपांडुसर और पूरे लूणकरणसर इलाके में खुशी का माहौल है।
डॉ. देवीलाल का सफर आसान नहीं था—लगभग 8 साल तक पढ़ाई से दूर रहने के बाद उन्होंने स्वअध्ययन के जरिए अपनी शिक्षा दोबारा शुरू की। इसके बाद उन्होंने JNU से एमफिल और पीएचडी पूरी करते हुए शैक्षणिक जगत में अपनी मजबूत पहचान बनाई।
वर्तमान में वे राजस्थानी कला और संगीत पर पोस्ट-डॉक्टोरल शोध कर रहे हैं। लूणकरणसर के भीमसेन चौधरी छात्रावास के रामप्रताप गोदारा ने उन्हें शुभकामनाएँ दीं। डॉ. देवीलाल भी इसी छात्रावास के पूर्व छात्र रह चुके हैं।
अपनी सफलता पर डॉ. देवीलाल ने कहा—
“मेहनत मेरी विरासत है। सीखना कभी बंद नहीं करना चाहिए। मेरी उपलब्धि का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को जाता है।”