नायब तहसीलदार कंचन चौहान की पदोन्नति फिलहाल रोक दी गई है। उनके खिलाफ चल रही SOG जांच के कारण राजस्व विभाग ने प्रमोशन पर निर्णय टाल दिया है।
सूत्रों के अनुसार, कंचन चौहान के मामले में SOG ने पहले उन्हें SMS अस्पताल में मेडिकल परीक्षण करवाया था। जांच पूरी होने के बाद SOG ने रिपोर्ट सीएमओ को भेज दी, लेकिन यह रिपोर्ट राजस्व मंडल तक नहीं पहुंच सकी। इसी वजह से पदोन्नति प्रक्रिया अधर में लटकी है।
RPSC की DPC बैठक में भी निर्णय नहीं
RPSC में हुई DPC बैठक में कंचन चौहान का नाम प्रमोशन सूची में शामिल किया गया था, लेकिन जांच रिपोर्ट उपलब्ध न होने के कारण कोई अंतिम निर्णय नहीं हो पाया।
फर्जी प्रमाण पत्र का आरोप
कंचन चौहान की नियुक्ति दिव्यांग श्रवण-बधिर श्रेणी में नायब तहसीलदार पद पर हुई थी। उनके ऊपर फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र का उपयोग कर नौकरी हासिल करने का आरोप लगा है। शिकायत के बाद सीएमओ और SOG ने मामले की जांच शुरू की थी।
वर्तमान में कंचन चौहान भीलवाड़ा के करेड़ा में पदस्थापित हैं।
बताया जा रहा है कि कंचन चौहान विधायक शंकर सिंह रावत की बेटी हैं, जिसके चलते मामला और संवेदनशील माना जा रहा है।