महाजन की रेतीली धरती पर भारत और ब्रिटेन की सेनाओं ने 14 दिनों तक संयुक्त सैन्य क्षमता का प्रदर्शन किया। ‘अजेय वॉरियर-25’ नामक इस अभ्यास में भारतीय सेना की सिख रेजिमेंट और ब्रिटिश आर्मी की 2 RGR यूनिट ने एक साथ भाग लिया। अभ्यास की कमान भारत की ओर से कर्नल नीरज बेनीवाल, जबकि ब्रिटेन की ओर से ले. कर्नल साइमन डाइसन ने संभाली।
लगभग 240 सैनिकों ने आधुनिक आतंकवाद-रोधी रणनीतियों, खासकर शहरी ऑपरेशंस, का प्रशिक्षण लिया।
अभ्यास के दौरान—
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ड्रोन सिस्टम,
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MULE तकनीक,
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और रोबोटिक प्लेटफॉर्म्स
जैसी स्वदेशी क्षमताओं का भी प्रदर्शन किया गया।
हाइब्रिड युद्धक रणनीतियों और मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस पर केंद्रित इस अभ्यास ने CIBT मॉडल के जरिए दोनों सेनाओं की इंटरऑपरेबिलिटी और संयुक्त योजना-कार्रवाई को और मजबूत किया।
समापन दिवस की झलक
अंतिम दिन लाइव एंटी-टेरर ऑपरेशन, ड्रोन सपोर्ट और रैपिड इंटरवेंशन फोर्स की कार्रवाई का प्रभावी डेमोंस्ट्रेशन हुआ।
अधिकारियों के प्रमुख बयान
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ब्रिगेडियर प्रयोग सुब्बा: “अभ्यास ने दोनों सेनाओं को नई रणनीतिक शक्ति दी है।”
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ले. कर्नल साइमन डाइसन: “2027 में होने वाले अगले संस्करण के लिए ब्रिटेन पूरी तरह तैयार है।”
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ले. कर्नल हॉल्टनहार्ट: “यह अभ्यास भारत–ब्रिटेन सैन्य कूटनीति को नई दिशा देता है।”
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मेजर निखिल भट्ट: “रेगिस्तानी वातावरण में मिला प्रशिक्षण सैनिकों के कौशल को और निखारता है।”