Home Uncategorized बीकानेर में 9 से 11 जनवरी तक होगा अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव, ये कार्यक्रम रहेंगे खास

बीकानेर में 9 से 11 जनवरी तक होगा अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव, ये कार्यक्रम रहेंगे खास

Editor Pranjal

by rajasthan crimepress

बीकानेर में अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव 9–11 जनवरी को, तैयारियों का दौर तेज

बीकानेर का अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव, जो हर साल देसी और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करता है, इस बार 9 से 11 जनवरी तक आयोजित होगा। तीन दिवसीय इस आयोजन की तैयारियों को लेकर जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि ने शुक्रवार शाम कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक अनिल राठौड़ ने उत्सव की पूरी रूपरेखा साझा की।
उन्होंने बताया कि उत्सव से पहले 2 जनवरी को सुबह लक्ष्मीनाथजी मंदिर से शहरवासियों को पारंपरिक पीले चावल बांटकर आमंत्रित किया जाएगा। इस दौरान सजे-धजे ऊंट और रोबीले युवक शहर के कई हिस्सों में रैली निकालेंगे।


9 जनवरी – सांस्कृतिक रंगों के बीच शुरुआत

राठौड़ ने बताया कि 9 जनवरी को उत्सव का आगाज सुबह आयोजित होने वाली ‘हमारी विरासत’ हेरिटेज वॉक से होगा, जो लक्ष्मीनाथजी मंदिर से रामपुरिया हवेली तक जाएगी।
इस मार्ग में बड़ा बाजार, मोहता चौक, हनुमान मंदिर और असानिया चौक जैसे प्रमुख स्थान शामिल होंगे।
प्रदेश अभिलेखागार में सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक “राजस्थान के रंग–बीकाणा के संग” नामक कला प्रदर्शनी लगेगी, जिसमें उस्ता, पिछवाई, मथेरण जैसी विलुप्तप्राय कलाओं को शामिल किया जाएगा। इसके लिए सात दिन की वर्कशॉप भी रखी जाएगी।
शाम को रवीन्द्र रंगमंच के ओपन थिएटर में “वॉयस ऑफ बीकानेर” कार्यक्रम का आयोजन होगा।


10 जनवरी – ऊंटों का पारंपरिक मेला और फैशन-शो

10 जनवरी को राष्ट्रीय ऊंट अनुसंधान केंद्र (NRCC) में सुबह 9 बजे से दोपहर तक “ऊंटां रो मेलो” होगा, जिसमें ऊंट नृत्य, फर कटिंग, सजावट, ऊंट दौड़ और घुड़दौड़ जैसे कार्यक्रम दर्शकों का मन मोहेंगे।
पहली बार पुराने शहर के निकट धरणीधर स्टेडियम में “बीकाणा की शान” के नाम से विशेष कार्यक्रम रखा गया है, जिसमें मिस्टर बीकाणा, मिस मरवण, ढोला–मारू शो और पारंपरिक वेशभूषा प्रतियोगिताएं होंगी।
शाम को डॉ. करणी सिंह स्टेडियम में “स्वरम” सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा, जिसमें लोक नृत्य, लोकगायन और ऊंटों के इतिहास पर विशेष प्रदर्शनी शामिल होगी।


11 जनवरी – रायसर की धोरों पर भव्य समापन

अंतिम दिन 11 जनवरी को रायसर की रेत की धोरों पर सुबह 9 बजे से दोपहर तक “दम-खम” कार्यक्रम होगा, जिसमें रस्साकशी, कुश्ती, कबड्डी, पगड़ी बांधना, मटका दौड़ और देशी-विदेशी पर्यटकों की रेत पर दौड़ आयोजित की जाएगी।
इसके बाद “उड़ान” कार्यक्रम के तहत सैंड आर्ट, हैंडीक्राफ्ट बाजार, फूड कोर्ट, भारतीय रीति से विदेशी जोड़ों की पारंपरिक शादी, कैमल सफारी और ऊंटगाड़ी सफारी जैसे आकर्षण रखे जाएंगे।
रात को “कला संगम” में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, अग्नि नृत्य और सेलिब्रिटी नाइट के साथ आतिशबाजी होगी, जिसके साथ तीन दिवसीय उत्सव का समापन किया जाएगा।


बैठक में कई विभागों की मौजूदगी

समीक्षा बैठक में नगर निगम उपायुक्त यशपाल आहूजा, बीडीए उपायुक्त ऋषि सुधांशु पांडे, ट्रैफिक सीओ किसन सिंह, राज्य अभिलेखागार के डॉ. नितिन गोयल, म्यूजियम प्रतिनिधि राकेश शर्मा, पशुपालन विभाग के डॉ. बिरमाराम, NRCC से दिनेश मुंजाल और डॉ. मित्तुल सुंवडिया सहित पर्यटन व होटल उद्योग से जुड़े कई लोग शामिल थे।

You may also like